जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से अध्यक्ष सह प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रमेश कुमार एवं सचिव दीपक कुमार के निर्देश पर जिले के विभिन्न प्रखंडों में रविवार को इंटेंशिव लीगल अवेयरनेस आयोजन किया गया । इसी कड़ी में पोड़ैयाहाट, सुंदरपहाड़ी, बोआरीजोर, महागामा , मेहरमा, गोड्डा, बसंतराय, पथरगामा एवं ठाकुरगंगटी प्रखंड के विभिन्न गांवों में शिविर का आयोजन कर ग्रामीणों को कानूनी जानकारी दी गई। इसी कड़ी में मेहरमा प्रखंड के सौरिचकला गांव में
ग्रामीणों को कानूनी अधिकार एवं घरेलू हिंसा से संबंधी जानकारी दी गई। मौके पर अधिकार मित्र सह पीएलवी रामविलास महतो एवं सुषमा मरांडी आदि ने कहा कि घरेलु हिंसा अधिनियम महिलाओं के संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों के संरक्षण करने, महिलाओं को घरेलू हिंसा से बचाने एवं उनके अधिकारों की रक्षा करती है। इस अधिनियम में केवल पत्नी नहीं बल्कि मां, बहन, विधवा, अथवा परिवार के किसी भी सदस्य को प्रताड़ित करना घरेलू हिंसा अपराध माना गया है। शारीरिक व मानसिक उत्पीड़न करना, मारपीट करना , शरीर के अंग को चोट पहुंचाना ,गाली गलौज करना मान सम्मान अपमानित करना, लड़का न पैदा होने पर ताने मारना, दहेज संबंधी मांग करना, परिजनों को धमकाना, बीमार होने पर इलाज न करना, उनके अधिकारों से वंचित रखना घरेलू हिंसा अपराध माना गया है। हमारे समाज में आए दिन घरेलू हिंसा अपराध की घटनाएं एवं समस्या बनी हुई है। इससे परिवार में तनाव, परिवार टूटने व बिखरने का डर लगा रहता है । समाज में हो रहे अपराध को रोकने हेतु सभी वर्गों को आगे आने का आह्वान किया गया। इस अवसर पर दर्जनों महिलाएं उपस्थित थीं। इसके अलावा बसंतराय के हिलाबै में जायसवाल मांझी व जोबाती मुर्मू, बोआरीजोर में दयानंद यादव एवं अनिता टुडू, ठाकुरगंगटी में विमल टुडू एवं मुन्नी रानी, महागामा में जयकृष्ण यादव एवं स्टेंशिला हेम्ब्रम, पोड़ैयाहाट में मो. हसीब व शंकर चंद्र सेन आदि ने भी शिविर आयोजित कर विविध जानकारी दी।